STORYMIRROR

सफ़र शाकाहार मझधार गूनाह अफ़सोस हम तुछ प्राणी विष्णु गृहस्थी भटकते रहते प्रवर्तक मैं मांझी रहकरपचासबरससाथहमसमझनसकेउसे।निकलाइतनाखुदगर्जहँसतेहँसतेदर्दपीगया। भव से पार प्यारकी नैया तट पार करना है हो जाएगी रात माफ़ जिंदगी का सफ़र मराठीअसेआमुचीमायबोली सच्चे मन भौतिक संसार

Hindi नैया पार Quotes